PM-Kisan योजना: संपूर्ण परिचय
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) भारत सरकार की ऐतिहासिक पहल है, जिसके तहत देश के करोड़ों किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना किसानों की हालत सुधारने और उनके आर्थिक हक को सुरक्षित करने के उद्देश्य से 1 दिसंबर 2018 को प्रारंभ की गई थी। इसकी घोषणा तत्कालीन वित्त मंत्री द्वारा 2019 के बजट में की गई थी। तब से रेल की गति से यह योजना आगे बढ़ती रही और अब तक लाखों-करोड़ों किसानों की मदद कर चुकी है।
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इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की राशि तीन समान किश्तों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रदान की जाती है। यह सहायता राशि किसानों के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है, जिससे किसानों को बिचौलियों या भ्रष्टाचार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को खेती की लागत उठाने, खाद, बीज, सिंचाई और अन्य कृषि संबंधी जरूरतों के लिए समय पर धन उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आय स्थिर रहे और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
PM-Kisan योजना के माध्यम से भारत सरकार किसानों की आजीविका सुरक्षित करने के साथ-साथ देश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही है। योजना पारदर्शिता, त्वरित सहायता, और तकनीक आधारित प्रणाली की मिसाल बन गई है। अक्टूबर 2023 तक इस योजना के अंतर्गत 14 से अधिक किश्तें दी जा चुकी थीं, और सितंबर 2025 तक यह संख्या 20वीं और 21वीं किस्त के करीब पहुंच चुकी है, जिसमें कुल वितरण राशि लाखों करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।
इसके अलावा, इस योजना ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हुए उन्हें सम्मान और सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान की है। किसानों को अब छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए बार-बार उधार या कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं रहती। राज्य और केंद्र सरकारों के तालमेल से किसान अब आसानी से ऑनलाइन या ग्राम स्तर पर पंजीकरण और लाभ चेक कर सकते हैं। यह योजना “सबका साथ, सबका विकास” की सरकार की सोच को जमीन पर उतारने का सबसे बेहतरीन उदाहरण बन गई है।
उद्देश्य
- किसानों की आय में वृद्धि
- कृषि लागत में मदद देना
- गरीबी हटाने की दिशा में कार्य
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ बनाना
- योजना से जुड़े अन्य लेख और अपडेट्स के लिए देखें: PM-Kisan Yojana ke Articles
PM-Kisan योजना का विकास और इतिहास
- योजना की शुरुआत मोदी सरकार ने की, और पहले चरण में सिर्फ सीमित ज़मीन के मालिक किसानों को ही लाभ मिलता था।
- बाद में, लाभार्थियों का दायरा बढ़ाकर सभी पात्र छोटे एवं सीमांत किसानों को शामिल किया गया।
- अब तक ₹3.69 लाख करोड़ से अधिक राशि DBT के ज़रिए किसानों के बैंक खाते में सीधे भेजी जा चुकी है।
- योजना के प्रति विश्वास और पारदर्शिता के कारण करोड़ों किसान इससे लगातार जुड़े।
PM-Kisan योजना का महत्व
यह योजना इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि—
- किसान पूरे वर्ष कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन अक्सर बाजार में अस्थिरता या प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी आमदनी प्रभावित होती है।
- इस योजना के माध्यम से किसानों तक न्यूनतम आर्थिक मदद पहुंचती है, जिससे वह बीज, खाद, दवा, सिंचाई आदि पर खर्च कर सकते हैं।
- DBT प्रणाली की वजह से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की दखलअंदाजी लगभग शून्य हो गई है।
PM-Kisan योजना के प्रमुख लाभ
- हर साल ₹6,000 आर्थिक सहायता, जो तीन किश्तों में—अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च—प्रदान की जाती है।
- किसानों के बैंक खाते में सीधे भुगतान।
- फसल चक्र, बीज, खाद आदी खरीदने में सुविधा।
- करदाता किसानों को छोड़कर लगभग सभी छोटे और सीमांत भूमिहीन किसानों को कवर करता है।
- पारदर्शिता, त्वरित सहायता और केंद्र सरकार की जवाबदेही।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
योग्य लाभार्थी
- भारतीय नागरिकता अनिवार्य
- छोटे या सीमांत किसान जिनके पास भूमि का रेकॉर्ड सही है।
- पति-पत्नी और उनके बच्चे, जिनके नाम ज़मीन है।
- आवेदनकर्ता का आधार कार्ड अनिवार्य।
अपात्र किसान
- आयकरदाता एवं उनके परिवार, सरकारी कर्मचारी, संवैधानिक पदाधिकारी, सेवानिवृत्त पेंशनधारी (रिटायरमेंट में कुछ अपवाद)।
- प्रोफेशनल्स (डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, CA, आर्किटेक्ट आदि)
- राज्य/केंद्र सरकार के सवैतनिक कर्मचारी
PM-Kisan योजना में आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन
- pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
- “नया किसान रजिस्ट्रेशन” पर क्लिक करें।
- आधार नंबर, मोबाइल नंबर, भूमि रेकॉर्ड, बैंक डिटेल्स जमा करें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
- सबमिट करने के बाद आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर आ जाएगा, जिसे भविष्य की आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन आवेदन
- नजदीकी CSC केंद्र, ब्लॉक, तहसील या जिला कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि रेकॉर्ड (खसरा, खतौनी, जमाबन्दी)
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो, जाति प्रमाण पत्र (कुछ राज्यों में अनिवार्य)
- भूमि का कब्जा प्रमाण पत्र
PM-Kisan योजना की किस्तें एवं भुगतान प्रक्रिया
भुगतान परिसूची
- हर साल तीन बार किस्तें मिलती हैं—
- अप्रैल-जुलाई
- अगस्त-नवंबर
- दिसंबर-मार्च
लेटेस्ट अपडेट्स (सितंबर 2025)
- 20वीं किस्त अगस्त 2025 में 9.7 करोड़ किसानों को ₹20,500 करोड़ DBT के माध्यम से ट्रांसफर हुई।
- 21वीं किस्त नवंबर 2025 में संभावित है।
- सभी किसानों के लिए eKYC, भूलेख सत्यापन व आधार लिंकिंग अनिवार्य कर दिया गया है, बिना इसके किस्त अटक सकती है।
PM-Kisan लाभार्थी सूची, स्टेटस, और eKYC प्रोसेस
लाभार्थी सूची और स्टेटस चेक करें
- वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें।
- “Beneficiary List”/“Know Your Status” ऑप्शन पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर/आधार नंबर भरें।
- OTP वेरीफाई करें, स्टेटस देखें।
eKYC की आवश्यकता
- सब्सिडी और लाभ के लिए OTP के ज़रिए eKYC पूर्ण करें।
- भूलेख सत्यापन न करवाने पर भी किस्त रुकेगी।
PM-Kisan योजना के विशेष पहलू
क्यों है अनूठी यह योजना?
- पारदर्शी भुगतान, सीधा खातों में पैसे।
- चालू वित्त वर्ष में फर्जी लाभार्थियों की काट और डुप्लीकेट रिकॉर्ड को वेरिफाइमाशन के बाद हटाया गया।
- किसान पंजीकरण में तेजी व व्यापक सर्वे और सुधार प्रक्रिया
- हेल्पलाइन नंबर, शिकायत समाधान पोर्टल, और SMS-आधारित अपडेट्स।
PM-Kisan योजना और अन्य योजनाओं की तुलना
अन्य समान योजनाएं
- ओडिशा की कालिया योजना: ₹10,000 सालाना, बीमा कवर। गरीबी रेखा के नीचे के किसानों को विस्तारित लाभ।
- तेलंगाना रायथु भरोसा योजना: लाखों रुपये सालाना तक कृषि सहायता।
- कई राज्य योजनाएँ प्रेरित, लेकिन PM-Kisan अपने फंड, डीबीटी पारदर्शिता और विशाल दायरे के कारण विशिष्ट है।
योजना से जुड़ी चुनौतियाँ
- कई किसान अभी भी अपात्रता या दस्तावेज़ त्रुटियों के चलते किस्त से वंचित हैं।
- ग्राम स्तर पर डेटा अपडेट या नाम गलती (ट्रांसलिटरेशन एरर) की समस्या।
- समय-समय पर भूमि रेकॉर्ड वेरिफिकेट, गांव का नाम, बैंक डिटेल न बदलने पर लाभ रुका रहता है।
- राज्य-अनुमोदन प्रक्रिया में विलंब।
- लगातार eKYC या आधार लिंकिंग की डेडलाइन बढ़ाई जाती है, फिर भी जागरूकता का अभाव।
PM-Kisan की 21वीं किस्त और जरूरी अलर्ट
- सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है कि जिन किसानों का eKYC या भूलेख अपडेट नहीं, उनकी किस्त रुकेगी।
- बैंक डीटेल सही न होने पर भी पैसा नहीं मिलेगा।
- शिकायत हेतु राज्य / जिला कृषि कार्यालय, सीएससी केंद्र या हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
PM-Kisan योजना का व्यापक योगदान
- खेतिहर मजदूरों, छोटे किसान, महिला किसानों को भी फायदा
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गतिशीलता—बाजारों, खाद दुकानों, पंचायतों तक वित्तीय संचार।
- कोरोना संकट, बाढ़, सूखे जैसी आपदा के समय किसानों को बड़ी राहत।
- कृषि सुधारों को आगे बढ़ाने में मदद — किसान नवाचार, नई तकनीक अपनाने के अवसर।
योजना से अधिक लाभ पाने के टिप्स
- समय-समय पर आधार, बैंक, भूमि रिकॉर्ड अपडेट करते रहें।
- मोबाइल नंबर रजिस्टर रखें ताकि OTP व SMS से अपडेट मिले।
- आवेदन में हुई किसी गलती को तुरंत पोर्टल पर सही करवाएं।
- पोर्टल, हेल्पलाइन एवं CSC केंद्र से पूर्व भुगतान व स्टेटस कन्फर्म करें।
- किसी किस्त या रिकॉर्ड गलत होने की स्थिति में डीएम ऑफिस या कृषि विभाग में लिखित शिकायत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. PM-Kisan योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
किसानों को सीधी व पारदर्शी वित्तीय सहायता देकर कृषि-आधारित आय में स्थिरता लाना।
2. लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें?
pmkisan.gov.in पोर्टल पर ‘beneficiary status’ में रजिस्ट्रेशन/आधार नंबर डालें और OTP से सत्यापन करें।
3. eKYC क्यों जरूरी है?
डुप्लीकेट/फर्ज़ी लाभार्थियों को हटाने और पारदर्शी भुगतान के लिए KYC अनिवार्य है।
4. बैंक खाता आधार लिंक नहीं है तो क्या किस्त मिलेगी?
नहीं, जब तक आधार लिंक नहीं, तब तक किस्त नहीं आएगी।
5. लाभार्थी सूची में नाम नहीं या किस्त अटक गई है तो क्या करें?
शिकायत निपटान के लिए हेल्पलाइन नंबर/सीएससी/जिला व राज्य कृषि कार्यालय में संपर्क करें।
6. एक ही खेत के कई हिस्सेदार हैं, तो सबको मिलेगा?
हाँ, यदि सभी के नाम पर अलग-अलग भूमि रिकॉर्ड है।
7. अगर लाभार्थी की मृत्यु हो जाए तो रकम किसे मिलेगी?
वर्तमान स्थति में अगली किस्त बंद हो जाएगी, लेकिन उत्तराधिकारियों को भूमि का अधिकार विरासत म्युटेशन के ज़रिए मिलने पर आवेदन संभव है।
हेल्पलाइन, शिकायत समाधान, और सुविधा केंद्र
- हेल्पलाइन: 155261, 1800115526
- ईमेल: pmkisan-ict@gov.in
- स्थानीय CSC, कृषि कार्यालय
- पोर्टल पर ‘Grievance Redressal’ हेतु विशेष खंड
निष्कर्ष
PM-Kisan योजना ने गाँव-गाँव, देश के छोटे से छोटे किसान परिवार को भी मुख्यधारा से जोड़ दिया है। योजना की डीबीटी व्यवस्था, पात्रता नियम, जमीन क्लियरेंस प्रक्रिया, शिकायत समाधान, डिजिटल पारदर्शिता, और अनवरत सरकारी मॉनिटरिंग ने इसे बेहद भरोसेमंद और पारदर्शी बना दिया है। डिजिटल तकनीक और विशेष तौर पर आधार लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से होने वाले सीधे भुगतान से लाभार्थी किसानों तक समय पर और बिना किसी दुविधा के वित्तीय सहायता पहुंचती है।
यदि किसान निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं, तो हर वर्ष बिना किसी देरी के ₹6,000 की सहायता लेना सुनिश्चित करें और किसी भी समस्या की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जल्द प्रक्रिया पूरी कराएं। साथ ही, किसान खुद भी अपनी पात्रता, किस्त की स्थिति, और आवेदन की प्रगति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं, जिससे शासन और लाभार्थी के बीच पूर्ण पारदर्शिता बनी रहती है।
यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है बल्कि किसानों के मनोबल को भी ऊँचा उठाती है, जिससे वे कृषि के प्रति अधिक उत्साहित और आत्मनिर्भर बनते हैं। इसलिए, हर किसान को चाहिए कि वह योजना से जुड़े सभी नियमों और प्रक्रियाओं को सही ढंग से अपनाए, ताकि इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उसके जीवन में पूर्ण रूप से समाहित हो सके।
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